- धनबाद
। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में संडे ड्यूटी की व्यवस्था में कटौती करने की तैयारी चल रही है। कंपनी की आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन का लक्ष्य संडे ड्यूटी में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम कर करीब 80 से 100 करोड़ रुपये की बचत करना है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में रविवार की ड्यूटी की उपयोगिता और वास्तविक आवश्यकता की समीक्षा की जा रही है।
कंपनी प्रबंधन का जोर इस बात पर है कि जिन विभागों और कार्यस्थलों पर रविवार को वास्तव में काम की जरूरत है, केवल वहीं आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। आंतरिक समीक्षा में कुछ विभागों में कर्मचारियों की अपेक्षित उपयोगिता नहीं होने की बात सामने आने के बाद यह कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
*बुकिंग एक जगह, काम दूसरी जगह करने का आरोप*
संडे ड्यूटी को लेकर BCCL के कुछ क्षेत्रों में ड्यूटी बुकिंग और वास्तविक कार्यस्थल के बीच अंतर की शिकायतें भी सामने आई हैं। सीवी एरिया, कुसुंडा, लोदना और बस्ताकोला समेत कुछ क्षेत्रों की कोलियरियों में ऐसी शिकायतें होने की बात कही जा रही है।आरोप है कि कुछ श्रमिक संगठन से जुड़े पदाधिकारी या कर्मचारी किसी दूसरे स्थान पर काम करते हैं, जबकि उनकी संडे ड्यूटी की बुकिंग अलग कार्यस्थल के नाम पर की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में ड्यूटी बुकिंग, उपस्थिति रजिस्टर और वास्तविक कार्यस्थल की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
*लिपिकों की संडे ड्यूटी भी जांच के दायरे में*
संडे ड्यूटी की समीक्षा में कार्यालयों में कार्यरत कुछ लिपिकों की ड्यूटी भी जांच के दायरे में आने की बात कही जा रही है। कुछ स्थानों पर रविवार को छुट्टी की बुकिंग अथवा अन्य कार्यालयी कार्यों के लिए लिपिकों की ड्यूटी लगाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। प्रबंधन यह देखना चाहता है कि जिन कार्यों के लिए रविवार को कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है, उनकी वास्तव में आवश्यकता है या नहीं। इससे गैर-जरूरी संडे ड्यूटी पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
श्रमिकों की आय पर पड़ेगा सीधा असर
संडे ड्यूटी में कटौती का सबसे सीधा असर कर्मचारियों और श्रमिकों की अतिरिक्त आय पर पड़ सकता है। रविवार की ड्यूटी के बदले मिलने वाली अतिरिक्त कमाई कम होने की स्थिति में श्रमिकों की मासिक आय प्रभावित हो सकती हऐसे में श्रमिक संगठनों के सामने भी चुनौती होगी कि वे वास्तविक काम की जरूरत और कर्मचारियों के हित के बीच संतुलन बनाए रखें। प्रबंधन की ओर से यदि संडे ड्यूटी में व्यापक कटौती की जाती है तो इसका असर आने वाले दिनों में श्रमिकों की आय और यूनियन-प्रबंधन संबंधों पर भी दिखाई दे सकता है।
*रिकॉर्ड की जांच से सामने आएगी वास्तविक तस्वीर*
संडे ड्यूटी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ड्यूटी बुकिंग, कर्मचारियों की उपस्थिति और वास्तविक कार्यस्थल के रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे यह पता चल सकेगा कि कितनी ड्यूटी वास्तव में जरूरी थी और कहां अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जा रही थी। BCCL प्रबंधन का फोकस फिलहाल खर्च में कमी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता के बेहतर इस्तेमाल पर है। यदि योजना लागू होती है तो कंपनी को करोड़ों रुपये की बचत होने की उम्मीद है, लेकिन इसका असर संडे ड्यूटी करने वाले श्रमिकों की अतिरिक्त आय पर पड़ना तय माना जा रहा है।
। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में संडे ड्यूटी की व्यवस्था में कटौती करने की तैयारी चल रही है। कंपनी की आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन का लक्ष्य संडे ड्यूटी में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम कर करीब 80 से 100 करोड़ रुपये की बचत करना है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में रविवार की ड्यूटी की उपयोगिता और वास्तविक आवश्यकता की समीक्षा की जा रही है।
